उत्तर पश्चिम रेलवे का इतिहास
उत्तर पश्चिम रेलवे 1 अक्टूबर 2002 को अस्तित्व में आया। यह उत्तर रेलवे एवं पश्चिम रेलवे के 2-2 मंडलों को मिलाकर बनाया गया। रेलवे बोर्ड ने 16 सितम्बर 1996 को इस जोन के साथ ही 5 अन्य नए जोन बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी एवं तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवेगौडा ने के.पी.सिंह स्टेडियम, जयपुर में 17अक्टूबर 1996 को इस जोन की आधारशिला रखी थी। भारत सरकार की अधिसूचना सं. 97/ई एंड आर/700/1दिनांकः 14.06.2002 के तहत यह नया जोन गठित हुआ जिसमें यह तय किया गया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में उत्तर रेलवे के दो मंडल जोधपुर एवं बीकानेर तथा पश्चिमरेलवे के दो मंडल अजमेर एवं जयपुर नए जोन के क्षेत्राधिकार में होंगे और यह जोन 1 अक्टूबर 2002 को बना।
मंडलों का संक्षिप्त परिचय
जयपुर मंडल :- इस मंडल का गठन जयपुर स्टेट रेलवे एवं राजपुताना मालवा रेलवे के बी.बी. एवं सी.आई. भागों का विलय करके किया गया। जयपुर मंडल राजस्थान एवं हरियाणा राज्यों की सेवा करता है इस मंडल की प्रमुख आय यात्रियों से है। यह मंडल प्रमुख रूप से माल यातायात, खाद, सीमेंट, तेल, नमक, खाद्यान्न, तेल, बीज, लाइम स्टोन एवं जिप्सम के जरिए संभालता है। यहां से कन्टेनर लोडिंग का कार्य भारी मात्रा में होता है। इस मंडल पर सभी श्रेणियों को मिलाकर लगभग 12 हजार कर्मचारी हैं।
बीकानेर मंडल :- इस मंडल की स्थापना 1924 में हुई थी और यह राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा राज्यों की सेवा करता है। इस मंडल पर यात्री एवं माल यातायात से समान आय होती है। इस मंडल का प्रमुख माल यातायात खाद्यान्न, चाइना क्ले एवं जिप्सम है। इस मंडल पर सभी श्रेणियों के लगभग 13 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
जोधपुर मंडल :- यह मंडल 1882 में बना था और मुख्यतया यह राजस्थान का अर्धनगरीय जिला है। यह जोधपुर, पाली मारवाड, नागौर, जालौर, बाडमेर एवं जैसलमेर का क्षेत्र कवर करता है। यह गुजरात राज्य का भी कुछ भाग कवर करता है। यह मंडल राजस्थान के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों जैसे जैसलमेर, बाडमेर एवं पोकरण की भी सेवा करता है। इस मंडल से मुख्यतया लाइम स्टोन, नमक एवं जिप्सम का लदान होता है। इस मंडल पर सभी श्रेणियों के लगभग 10 हजार कर्मचारी हैं।
अजमेर मंडल :- यह मंडल पूरे राजस्थान एवं गुजरात राज्यों में फैला हुआ है। राजस्थान के अधिकतर सीमेंट प्लांट अजमेर के क्षेत्राधिकार में होने से यह मुख्यतया सीमेंट लोडिंग वाला मंडल है। रॉक फास्फेट, सोप स्टोन पाउडर उदयपुर क्षेत्र से लोड किया जाता है। यह मंडल भारत के धार्मिक एवं पर्यटन नक्शे में विशेष महत्व रखता है। अजमेर शरीफ, पुष्कर, माउंट आबू एवं रणकपुर के जैन मन्दिरों में भारी यात्री यातायात से होने वाली आय से इस बात का सबूत है । इस मंडल पर सभी श्रेणियों के लगभग 9 हजार कर्मचारी हैं।
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